STORIES for CHILDREN by Sister Farida

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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 091 (Who is the thief 3)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

91. चोर कौन है ३


जब वह गोरा परदेसी पेटी में का केबल जीप को चुपका रहा था तब रिंगु और बत्तू रूचि ले कर देख रहे थे |

उस के बाद एक सफ़ेद दीवार खड़ी की गई | भारत के उस छोटे से गाँव में लोग यह पहली बार देख रहे थे | उन्हों ने इस से पहले कोई चल चित्र नहीं देखा था |

साहिब ग्रब: “परमेश्वर तुम सब से प्रेम करता है | उस ने अपना एकलौता पुत्र दुनिया में भेजा | उस का नाम यीशु है | वह हमारे जैसा मनुष्य बना परन्तु वह निष्पाप था | परमेश्वर पाप से घ्रणा करता है और उसे मृत्यु दंड देता है | परन्तु यीशु ने स्वच्छा से यह दंड अपने ऊपर लिया और हमारे बदले क्रूस पर अपने प्राण दे दिये | परमेश्वर ने फिर उसे मृतकों में से जिलाया | यीशु पर विश्वास करो | तब तुम उद्धार पाओगे और तुम्हारा घर स्वर्ग में होगा |”

चलचित्र समाप्त हो गया | पांडू ने छोटे वाध्य पर एक गीत बजाया और जो कोई साहिब ग्रब से बात चीत करना चाहता था वह रुक गया |

रिंगु: “साहिब, आप हमारे साथ कब तक रहेंगे ? मैं तुम्हारे परमेश्वर के विषय में बहुत कुछ सुनना चाहता हूँ |”

साहिब ग्रब: “हम कल दूसरे गाँव में जायेंगे परन्तु हम निश्चित ही एक दूसरे से मिलेंगे |”

रिंगु और बित्तू को घर जाना था | परन्तु जीप के पास वाध्य पड़ा था ... क्या कोई उन्हें देख लेगा ? बिजली की तरह तेजी से उन्हों ने पेटी उठाई और उस उपकरण के साथ अन्धेरे में गायब हो गये | उन्हों ने अपने छिपने के लिये पुराना छप्पर चुना | उन के लिये रात बहुत तनावपूर्ण थी | केवल उन के बुरे अन्तकरण के कारण नहीं बल्कि इस लिये कि उन्हें अपने खेतों की लकड़बग्घों से रक्षा करनी थी |

चाँद तेजी से चमक रहा था |

रिंगु: “बत्तू, वहाँ कुछ हिल रहा है | बाघ | निश्चय ही वह बाघ था | मैं ने उस की आँखें चमकती हुई देखीं |”

बत्तू: “क्या तुम स्वप्न देख रहे थे ?”

रिंगु: “नहीं, मैं ने उसे सच मुच देखा |”

दूसरे दिन गाँव में इस भयानक समाचार की चर्चा हो रही थी |

आदमी: “वह बाघ था | आदम खोर बाघ |”

स्त्री: “क्या ? कब ? कहाँ हुआ ?”

आदमी: “पड़ोस के गाँव में एक मनुष्य पर बाघ ने हमला किया था |”

रिंगु: “हम ने भी बाघ को देखा था |”

जब तक एक पुराने शिकारी ने अपनी अच्छी कल्पना नहीं बताई तब तक बहुत शौर गुल होता रहा |

शिकारी: “सब से अच्छा काम यह होगा कि एक सांड को मार डाला जाये | हम एक बडे पेड़ पर अपने हत्यारों को लेकर बैठेंगे और पहरा देंगे | बाघ, सांड के खून के कारण आकर्शित होगा और जब वह आ कर सांड को खाने लगेगा तब हम उसे गोली से मार डालेंगे |”

आदमी: “रिंगु, क्या तुम हमारे साथ आओगे ? हमें तुम्हारी आव्यशकता है |”

उसे गर्व था कि उसे उन के साथ शिकार करने के लिये चुना गया | परन्तु उसे डर भी लग रहा था | बाघ का शिकार करना बहुत खतरनाक होता है | परन्तु ... वह भयानक हो सकता है |

अगले ड्रामे में तुम शिकार करने के लिये हमारे साथ आ सकते हो |


लोग: वर्णनकर्ता, साहिब ग्रब, रिंगु, बत्तू, शिकारी, आदमी, स्त्री

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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