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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 019 (The LORD is God!)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

19. प्रभु, परमेश्वर है !


अहाब राजा एलिय्याह पर क्रोधित हुआ |

अहाब: “इतने समय तक वर्षा नहीं हुई उस के लिये यह भविष्यवक्ता दोषी है |”

अहाब ने डींग मारी | क्या वह भूल गया कि यह महाकाल केवल इस लिये आया क्योंकि स्वय : उस ने जीवित परमेश्वर को त्याग दिया था ?

तीन साल बीत गये | तीन साल में एक बूँद भी वर्षा न हुई | और तब एलिय्याह अहाब राजा के पास गया |

एलिय्याह: “अहाब राजा, अगर तू चाहता है कि फिर से वर्षा हो तो सारी जनता को इकट्ठा कर और उन सब याजकों को जो बाल की पूजा करते हैं; हम कार्मेल पर्बत पर मिलेंगे | वहाँ हम देखेंगे कि सत्य परमेश्वर कौन है : प्रभु या बाल |

अहाब ने एलिय्याह की आज्ञा का पालन किया |

दूसरे दिन सवेरे सभी देश वासी पर्बत की चोटी पर चढ़ गये | वहाँ क्या होने वाला था ? एलिय्याह ने भीड़ को पुकार कर कहा :

एलिय्याह: “तुम कब तक संदेह करते रहोगे | आज ही निर्णय लो कि तुम किस की सेवा करोगे : प्रभु परमेश्वर की - या बाल की |”

सारी जनता चुप रही | जब एलिय्याह वेदी बना रहा था और उस ने उस पर बलि किए जाने वाले पशु को रखा तब वे देख रहे थे | बाल के याजकों ने भी ऐसा ही किया |

एलिय्याह: ठहरो ! आग न जलाओ ! हर एक अपने अपने परमेश्वर से प्रार्थना करेगा | और जो परमेश्वर आस्मान से आग बरसायेगा वही सत्य परमेश्वर होगा |

तुरन्त बाल के अनुयायी उसे पुकारने लगे | वह घंटों तक उसे पुकारते रहे | परन्तु उन्हें आस्मान से कोई उत्तर न मिला | एलिय्याह ने उन का ठट्ठा किया |

एलिय्याह: “हा, तुम्हें और ज़ोर से पुकारना होगा | हो सकता है तुम्हारा परमेश्वर सो रहा हो या हो सकता है वह छुट्टी पर गया हो |

जब एलिय्याह ने आपनी वेदी और उस पर रखी हुई लकड़ी पर पानी उंडेला तब सब शांत हो गया | गीली लकड़ी जलती नहीं है, है ना ?

ऊंची आवाज़ से और अपने पूरे दिल से एलिय्याह ने प्रार्थना कि :

एलिय्याह: “प्रभु परमेश्वर, आज तू अपने लोगों को बता दे कि तू ही ईस्राईल का परमेश्वर है और मैं तेरा सेवक हूँ |”

वाह, अचानक आस्मान से आग गिरी और बलि, लकड़ी, पत्थर और पानी को भी जला दिया ! हर वस्तु चमक दमक के साथ जल गई | भयभीत हो कर लोग गिर गये और उन के चेहरे जमीन पर थे और वे एक होकर चिल्लाये :

नागरिक: “प्रभु परमेश्वर है ! प्रभु परमेश्वर है !”

अब वे लोग संतुष्ट हो गये थे, और बाल के याजकों को उन का न्यायसंगत पुरस्कार मिला और उन सब को मरना पड़ा |

प्रभु परमेश्वर है | एलिय्याह ने फिर एक बार परमेश्वर से प्रार्थना की और तब बादल छा गये |

पहली बूँद गिरी | एक मात्र जीवित परमेश्वर ने फिर से वर्षा होने दी |


लोग: वर्णन कर्ता, अहाब, एलिय्याह, जनता

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