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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 103 (The voice of the invisible one 3)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

103. अन देखे की आवाज़ ३


एक रहस्यपूर्ण जलती हुई झाड़ी (आग के चटखने की आवाज) | वह जल रही थी परन्तु भस्म नहीं हुई |

मूसा धीरे धीरे उस झाड़ी के निकट आने लगा | वह यह रहस्य हर कीमत पर समझना चाहता था |

परमेश्वर: “मूसा ! मूसा !”

किसी ने उस का नाम ले कर पुकारा परन्तु दूर दूर तक कोई दिखाई न देता था |

मूसा: “यह कितना आश्चर्यजनक है | यह कैसे हो सकता है कि झाड़ी भस्म नहीं हो रही ?”

परमेश्वर: “मूसा !”

मूसा: “जी हाँ | मैं यहाँ हूँ |”

परमेश्वर: “निकट आ जाओ | अपने जूते उतार लो क्योंकि जहाँ तुम खड़े हो वह पवित्र भूमि है | मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, जिस पर तुम्हारे पिता का विश्वास था |”

मूसा भयभीत हुआ | परमेश्वर वहाँ था ! उस जलती हुई झाड़ी के बीच में | मूसा को उधर देखने का साहस न हुआ | उस ने अपना कपडा अपने मुँह पर डाला और उसे छिपा लिया | उस ने परमेश्वर की आवाज स्पष्ट रूप से सुनी |

परमेश्वर: “फि़रौन मिस्र में मेरे लोगों को जो कष्ट दे रहा है वह मैं ने देखा है | मैं ने सहायता के लिये उन की चींखें सुनी हैं | अब मैं उन्हें मुक्त कर के एक अच्छे देश में ले जा रहा हूँ | मूसा, मुझे तुम्हारी आव्यशकता है | तुम फि़रौन के पास जाओगे और मेरे लोगों को दासता से मुक्त करोगे |”

मूसा: “मैं ? मैं क्यों ? मैं यह नहीं कर सकता |”

मूसा के पास कई बहाने थे | वह यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि परमेश्वर उसे इस्तेमाल कर सकता है | परन्तु परमेश्वर इस के बारे में बहुत चिंताजनक था |

मूसा लाखों लोगों को दासता से मुक्त करने वाला था |

तुम्हारा और मेरा भी एक मुक्तिदाता है | क्या तुम यह जानते हो ?

निश्चय ही हम मिस्र में दासता में न थे परन्तु कोई व्यक्ति है जो हमें पाप करने पर मजबूर करता है | वह शैतान है | वह लोगों को अपना दास बनाता है और उन्हें मुक्त होने नहीं देता | परन्तु यीशु हमारे शक्तिशाली मुक्तिदाता हैं | आप ने शैतान पर विजय पा ली है | यीशु पर विश्वास करने से तुम मुक्त हो सकते हो | यह मेरी तुम्हारे लिये इच्छा है |

परमेश्वर हमें मुक्त करना चाहता है | इसी लिये उस ने यीशु को हमारे पास और मूसा को मिस्र में भेजा |

परमेश्वर ने मूसा को इस कार्य के लिये शक्तिशाली बनाया और उसे आश्चर्यकर्म करने के लिये अधिकार दिया | परन्तु सब से अच्छा उपहार उस का वादा था |

परमेश्वर ने कहा: “मूसा, डरो नहीं | मैं तुम्हारे साथ चलूँगा और तुम्हारी सहायता करूँगा | तुम्हारा भाई भी तुम्हारे साथ चलेगा | वह पहले ही मार्ग पर निकल पड़ा है | अब तुम उठो और चले जाओ |”

परमेश्वर मूसा के साथ गया | इतना ही पर्याप्त था |

क्या मूसा ईस्राएलियों को मुक्त करने में और उन्हें मिस्र से बाहर निकालने में यशश्वी होगा ?


लोग: वर्णनकर्ता, मूसा, परमेश्वर

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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