STORIES for CHILDREN by Sister Farida

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

80. माँ के लिये बिल


जैस्मीन की अत्यन्त आकर्षक संपत्ति, खिलौनों के विभाग में ताक पर रखी हुई थी |

जैस्मीन: “प्रत्येक व्यक्ति को पैसों की आव्यशकता होती है | प्रोढ लोगों को अधिकार होता है | वे जो कुछ चाहते हैं उसे खरीद सकते हैं | परन्तु हे, मुझे एक कल्पना सूझी है |”

जैस्मीन जल्दी में थी | दोपहर को भोजन के बाद वह अपने कमरे में गई | उसे केवल पेन्सिल और कागज के टुकड़े की आव्यशकता थी |

जैस्मीन: “जैस्मीन के लिये वेतन की सूची | मैं कोई बांदी नहीं हूँ जो बिना पैसे लिये सेवा करती है :

रीक्लेमित काँच, कनटेनर तक पहुँचाई गई$ २.५०
नहान फुहारा साफ किया$ ४.००
टेबल पर की प्लेटें हर रात को उठाईं$ ८.००
कमरा साफ किया (कष्ट का काम था)$१३.५०
धुलाई के पानी का बर्तन खाली किया$ ५.००
कचरा ले के जाना (उस में से कितनी बदबू आती है)$ ८.००
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कुल मिलाकर यह राशि होतीहै ... $ १५, २१ ...$४१.००

कृपया जल्दी भुगतान कीजिये !

आप की महन्ती जैस्मीन |“

गुप्त रीती से उस ने वह बिल रसोई घर की मेज पर रखा | रात के खाने के समय उसे अपनी प्लेट के पास एक पत्र मिला | परन्तु उस ने उसे बाद में खोला जब वह अकेली थी |

जैस्मीन: “अब मैं उत्सुक हूँ (पत्र खोलने और पैसे गिरने की आवाज) | ठीक $ ४१.०० ! मैं इस से पहले इतनी धनी नहीं थी | ओह, इस के साथ एक चिठ्ठी भी जुडी हुई है :

मेरी प्रिय जैस्मीन !

यह रहा तुम्हारा वेतन | तुम निश्चय ही महन्ती लड़की हो | जब तुम्हें समय मिले तो कृपया मेरा बिल पढ़ लेना |

दस साल तक मैं तुम्हारे कपड़े धोती रहीकोई दाम नहीं
दस साल तक मैं तुम्हारे लिये पकाती रहीकोई दाम नहीं
जब तुम बीमार थीं तब मैं तुम्हारे लिये चिन्ता करती रहीकोई दाम नहीं
मैं तुम्हारे साथ खेलीकोई दाम नहीं
मैं हमेशा तुम्हारी समस्यायें और चिंतायें सुनने के लिये समय निकला करती थीकोई दाम नहीं

मैं इस सूची को और लम्बी नहीं करुँगी | जो कुछ मैं ने किया वह मैं ने तुम्हारे लिये खुशी से किया क्योंकी मेरी प्यारी, मैं तुम से बहुत प्रेम करती हूँ, तुम्हारी माँ |”

जैस्मीन लज्जित हुई | वह दौड़ती हुई अपनी माँ के पास गई और उसे गले से लगा लिया |

जैस्मीन: “माँ, मैं फिर कभी बिल न दुंगी | मैं तुम्हारे पैसे वापस कर रही हूँ | मैं तुम से प्रेम करती हूँ !”

दूसरों की सहायता करने से उन्हें आनन्द होता है और कुछ देने से भी ऐसा ही होता है | कुछ ही दिनों में मदर्स डे मनाया जाएगा | क्या तुम अपनी माँ को प्रसन्न करना चाहते हो ? मेरी यह इच्छा है कि तुम्हें कोई अच्छी कल्पना सूझे जिस के अनुसार तुम अपनी माँ को आश्चर्यचकित कर
सको |

और याद रखो: दूसरों के लिये कुछ करने से आनन्द प्राप्त होता है | केवल मदर्स डे पर ही नहीं |


लोग: वर्णनकर्ता, जैस्मीन

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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