STORIES for CHILDREN by Sister Farida

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

61. एक नया तारा १


असंख्य तारे रात को आकाश में चमक रहे थे | बाबुल के लोगों ने दूरबीन से प्रकाशमान आकाश को देखा |

पहला ज्योतिष: “वह देखो, एक नया तारा ! वह जो पहले कभी वहाँ न था |”

दूसरा ज्योतिष: “तुम ठीक कह रहे हो | अचानक एक नया तारा दिखाई दे रहा है | इस का क्या अर्थ हुआ ?”

इन ज्योतिषियों को ख्रगोल शास्त्र का बहुत ज्ञान था | उन के प्रश्न का उत्तर पाने के लिये उन्हों ने पत्थर की स्लेटों और लम्बे खर्रों का निरक्षण किया |

पहला ज्योतिष: “यह रहा वह उत्तर : यह तारा हमें यह बताता है कि यहूदियों के राजा ने जन्म लिया है |”

दूसरा ज्योतिष: “एक अत्यन्त विशेष राजा ! सब से अच्छा यह होगा कि हम वहाँ जायें, उसे ढ़ूँड़ निकालें और फिर उस की अराधना करें | वह हमारा भी राजा होगा |”

अनन्त राजा, यीशु का जन्म हुआ था |

पहले परमेश्वर ने चरवाहों को बताया था और फिर बाबुल के ज्योतिषियों को |

इस के तुरन्त बाद, ज्योतिषियों ने अपनी यात्रा का बसता और उपहार अपने ऊंटों पर लाद दिये | उन्हें ६२० मील से अधिक लम्बा प्रवास करना
था | उन के प्रवास में महीने लगे | परन्तु यीशु उन के लिये उतने ही महत्वपूर्ण थे | वे आप की अराधना करना चाहते थे और सब को बताना चाहते थे कि उन्हों ने आप को अपने जीवन का प्रभु स्विकार किया है |

क्या तुम भी इस क्रिस्मस के समय आप को यही बताओ गे | क्या तुम भी चाहते हो कि आप तुम्हारे भी प्रभु और उद्धारकर्ता हों ?

अंत में थके मांदे, यह ज्योतिषी उस महान शहर, यरूशलेम में पहुँच गये |

पहला ज्योतिष: “नया जन्मा हुआ राजा कहाँ है ? हम ने उस का तारा देखा है और उस की अराधना करने के लिये आये हैं |”

किसी ने उन के प्रश्न का उत्तर न दिया | लोग चकित हो गये और अपने मार्ग पर चलते रहे | हेरोदेस राजा सब से अधिक घबरा गया | इस भयानक राजा को, जिस से सब लोग डरते थे, अपनी राज गद्दी खो देने का डर था | उस ने शास्त्रियों को अपने पास बुलाया |

हेरोदेस: “क्या तुम जानते हो कि यहूदियों का राजा कहाँ जन्म लेगा ?”

शास्त्री: “अवश्य हम जानते हैं | हम ने परमेश्वर के वचन का अभ्यास किया है | यह राजा बैतलहम से आयेगा |”

यह शब्द तलवार के समान हेरोदेस को चुभे | परन्तु उस ने अपना भय किसी पर प्रगट होने न दिया |

गुप्त रीती से उस ने बाबुल के लोगों से पुछा :

हेरोदेस: “यह तारा कब दिखाई दिया ? तुम ने पहली बार इसे कब देखा ?”

निसंदेह, उन्हों ने उसे वह तारीख बता दी | जो उसे जानना चाहिये था अब वह उसे जान गया था |

हिरोदेस: “बैतलहम जाओ और उस बच्चे को ढूंड निकालो | जब तुम उसे पाओगे, तब वापस आ कर मुझे बताओ, क्योंकि मैं भी उस की आराधना करना चाहता हूँ |”

क्या वह वास्तव में ऐसा करना चाहता था ? नहीं | यह भयानक झूटा राजा केवल एक मात्र राजा रहना चाहता था और इस कारण वह इस तरुण राजा को मार डालना चाहता था | ज्योतिषी यरूशलेम से चले गये |

अगले ड्रामे में तुम सुनोगे कि इस के बाद क्या हुआ |


लोग: वर्णनकर्ता, दो ज्योतिष, हेरोदेस, लेखक

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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