STORIES for CHILDREN by Sister Farida

(www.wol-children.net)

Search in "Hindi":

Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 029 (Behind closed doors)

Previous Piece -- Next Piece

नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

29. बंद दरवाजों के पीछे


चेला: “राजीव, दरवाजा बंद करो - मैं उन पर विश्वास नहीं करता | पहले तो उन्हों ने यीशु की हत्या की और अब वह हमारी खोज में आयेंगे |” (दरवाजा बंद होने की आवाज)

निराश हो कर यीशु के चेले बंद दरवाजों के पीछे बैठ गये | क्या वे न जानते थे कि यीशु जिलाये गये थे ? मरियम ने आप से बात भी की थी |

(खटखटाते हुए)

इम्माऊस का पहला चेला: “हम यहाँ हैं !”

इम्माऊस का दूसरा चेला: “दरवाजा खोलो !”

चेला: “संजय, तुम अब तक घर वापस क्यों न गये ?”

इम्माऊस का पहला चेला: “हम ने यीशु के साथ बातें कीं ! आप जीवित हैं !”

चेला: ”तुम ने आप को कहाँ देखा ? सब को बताओ !”

इम्माऊस का दूसरा चेला: “पहले तो हम ने आप को पहचाना भी नहीं !

वह ऐसे हुआ, हम चलते चलते बातें कर रहे थे | अचानक एक मनुष्य हमारे निकट आया और हमारे साथ बात चीत करने लगा |”

इम्माऊस का दूसरा चेला: “उस ने हम से पूछा कि हम आपस में क्या बातें करते जा रहे हैं | हम ने कहा : क्या तू ही अकेला मनुष्य है जो नहीं जानता कि अभी अभी यरूशलेम में क्या हुआ, यह कि यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया ? उस ने हमें समझाया कि परमेश्वर ने इस की पहले से भविष्यवाणी की थी और उसे ऐसे ही होना था |”

इम्माऊस का पहला चेला: “उसे पवित्र शास्त्र की निश्चित ही जानकारी थी | और हमारी बात चीत ने हमें शांत कर दिया | समय गुजरता गया और जब हम नगर में पहुँचे तब अंधेरा छा गया था |”

इम्माऊस का दूसरा चेला: “हम ने उसे भोजन के लिये अन्दर बुलाया | और तब यह हुआ : उस ने कुछ रोटी ली और उसे तोड़ कर हमें दी | और तब हम ने उसे पहचाना: यीशु ! परन्तु जब हम समझ गये कि आप कौन थे तब आप गायब हो गये | हमारी आँखों के सामने - उस के बाद आप वहाँ न थे |”

इम्माऊस का पहला चेला: “निश्चय ही यह सत्य है ! हम ने यीशु से बातें कीं और तुरन्त जितना तेज भाग सके उतना तेज भाग कर तुम्हें यह बातें बताने के लिये आये कि आप जीवित हैं |”

जब लोग यीशु से मिलते हैं तब वह यह घट्ना अपने आप तक ही नहीं रख सकते और उन्हें आप के विषय में दूसरों को बताना ही पड़ता है | और जब वे दोनों जो कुछ हुआ वह दूसरों को बता रहे थे तब अचानक यीशु उस कमरे में उपस्थित हुए |

आप ने उन्हें अपने हाथ और पाओं बताये |

यीशु: “तुम्हें शान्ति मिले | यह मैं हूँ |”

इस के बाद चेलों ने विश्वास किया | यीशु के विषय मे सुनना अच्छी बात है | यीशु से मिलने से सारे शक दूर हो जाते हैं और आनंद प्राप्त होता है |

अगले ड्रामे में, वैशाली और संगीता हमें बतायेंगी कि वे यीशु से कैसे मिलीं |


लोग: वर्णन कर्ता, चेले, इम्माऊस के चेले, यीशु

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

www.WoL-Children.net

Page last modified on July 23, 2018, at 02:14 PM | powered by PmWiki (pmwiki-2.2.109)