STORIES for CHILDREN by Sister Farida

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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 004 (Whoever prays experiences miracles)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

4. प्रार्थनायें आश्चर्यकर्म कर सकती हैं


सड़कों पर धूल थी और आस्मान पर सूरज गर्मी से जल रहा था | और फिर भी एक भिखारी सड़क के किनारे बैठा था | जब भी वह किसी के चलने की आहट सुनता था, अपने हाथ फैलाता था |

बरतिमाई: “मेरी सहायता करो! मुझे पैसे दो |”

कुछ लोगों को बरतिमाई पर दया आई परन्तु दूसरों ने उस की उपेक्षा की |

एक दिन ऐसे लगा जैसे यरीहो शहर में का हर व्यक्ति सड़क पर उतर आया था |

बरतिमाई: “यह क्या हो रहा है ?”

आदमी: “परमेश्वर का पुत्र, यीशु, इस रास्ते से आ रहा है, वह जो हर एक से प्रेम करता है, बीमारों को चंगा करता है और मृतकों को भी जिला सकता है |”

अन्धा बरतिमाई की आशा बंध गई | क्या यीशु उसकी पुकार सुनेंगे ?

उस ने अपने पूरे दिल से उस व्यक्ति को पुकारा जिसे वह देख न सकता था :

बरतिमाई: “यीशु क्या आप मेरी सहायता न करेंगे ? मुझ पर दया कीजिये !”

जिन लोगों ने उसे सुना उन में से कुछ निराश हुए और उस अन्धे आदमी को ड़ाँटा |

आदमी: “चुप हो जा, और यहाँ से चला जा, अन्यथ : ...”

क्या यीशु को पुकारना मना है ? जी नहीं !

बरतिमाई ने लोगों की न सुनी; बल्कि और भी चिल्लाने लगा :

बरतिमाई: “हे प्रभु यीशु, कृपया मेरी सहायता कीजिये !”

यीशु सब की पुकार सुनते हैं | वे तुम्हारी प्रार्थना भी सुनते हैं |

पवित्र शास्त्र कहता है कि यीशु रुके और आज्ञा दी :

यीशु: “उस अन्धे आदमी को मेरे पास लाओ |”

और तब बरतिमाई परमेश्वर के पुत्र के सामने खड़ा हो गया | उस ने आप को नहीं देखा परन्तु उसे आप की उपस्थिति में शान्ति और सुरक्षा का अनुभव हुआ | उस ने यीशु की मित्रतापूर्ण आवाज सुनी |

यीशु: “बरतिमाई, तू मुझ से क्या चाहता है ? तु क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं ?”

बरतिमाई को इस विषय में ज्यादा देर तक सोचना न पड़ा | उस की सब से बड़ी आव्यश्कता उस की प्रार्थना बन गई :

बरतिमाई: “हे प्रभु, यह कि मैं फिर से देखने लगुँ |”

यीशु ने उसकी इच्छा सुनी |

यीशु: “देखने लग! क्योंकि तू मुझ पर विश्वास करता है, इस लिये मैं तुझे चंगा करूँगा |”

और तुरन्त बरतिमाई संपूर्णत : देखने लगा | उस की आँखों ने उस व्यक्ति को देखा जिस ने उस की प्रार्थना सुनी और उस की पुकार का उत्तर दिया |

आनंदित हो कर उस ने यीशु को धन्यवाद कहा और तब से मन से यीशु का अनुयायी बन गया |

पवित्र शास्त्र में परमेश्वर तुम से कहता है :

“और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा |” (भजन संहिता ५०:१५)


लोग: वर्णन कर्ता, बरतिमाई, चेले, यीशु

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