STORIES for CHILDREN by Sister Farida

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

95. मैं उसे देख नहीं सकता


बढ़िया, मुझे उन की ओर से पत्र आया है | न जाने उस ने क्या लिखा है ?

(पत्र के खोलने की आवाज)

अनके: “हेलो! मुझे सच में ड्रामे बहुत पसंद आते हैं | मैं हर बार संगीत और गीतों को सुन सकी | मेरी आयु दस साल की है और मुझे पवित्र शास्त्र की उत्तेजित करने वाली कहानियाँ सुनने में बड़ा मजा आता है | मैं बहुत प्रसन्न हूँ क्योंकी परमेश्वर मुझ से प्रेम करता है | धर्म मेरा चहेता विषय है | आप की आज्ञाकारी अनके की ओर से अलविदा |”

अनके की इच्छा पूरी करने में मुझे प्रसन्नता हो रही है |

यह रहा वह गीत, “मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !”

मुझे विश्वास है कि तुम गीत का टेक जल्दी सीख लोगी और तब गा सकोगी |

(पार्श्व संगीत) वर्णन करता ऊंची आवाज में पढ़ता है :

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !

यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |

जो कोई इस पर विश्वास नहीं करता और इसे नहीं समझता, वह मेरे गीत को उस समय सुने जब मैं गाता हूँ |

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !
यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |
कुछ लोग हमेशा यह नहीं देखते कि यीशु हमारी दुनिया में रहते है
क्योंकी कुछ लोग अपने आप को मसीही कहते हैं परन्तु परमेश्वर को भूल गये हैं |

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !
यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |
जब हम यीशु के आज्ञाकारी रहते हैं और खुशी से आप के साथ चलते हैं,
तब दूसरे लोग देखेंगे कि यीशु हम में रहते हैं |

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !
यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |
श्रृष्टि की ओर उस की महिमा में देखो,
जंगल, खेत, बडे ब्रह्मांड - परमेश्वर ने उन सब को बनाया |

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !
यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |
कितनी बार जब भी मैं खतरे में था, परमेश्वर ने मेरी रक्षा की है!
उस ने मेरी हर प्रकार के संकट में सहायता की |

मैं उसे देख नहीं रहा न उसकी आवाज सुन रहा हूँ, फिर भी वह यहाँ है !
यदि मैं परमेश्वर को देख न सकूँ, परन्तु यीशु के कारण वह निकट है |

प्रसन्न हो जाओ, क्योंकी परमेश्वर उपस्थित है | तुम्हारे साथ भी |

यीशु ने कहा : तुम यह जान लो कि मैं दुनिया के अंत तक सदा तुम्हारे साथ हूँ | (मत्ती २८:२०)


लोग: वर्णनकर्ता, अनके

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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