Home
Links
Contact
About us
Impressum
Site Map


YouTube Links
Spotify Links
App Download


WATERS OF LIFE
WoL AUDIO


عربي
Aymara
Azərbaycanca
Bahasa Indones.
বাংলা
Български
Cebuano
Deutsch
Ελληνικά
English
Español-AM
Español-ES
فارسی
Français
Fulfulde
Gjuha shqipe
Guarani
հայերեն
한국어
עברית
हिन्दी
Italiano
Қазақша
Кыргызча
Македонски
Malagasy
മലയാളം
日本語
O‘zbek
Plattdüütsch
Português
پن٘جابی
Quechua
Română
Русский
Schwyzerdütsch
Srpski/Српски
سِنڌِي‎
Slovenščina
Svenska
தமிழ்
Türkçe
Українська
اردو
中文

Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 148 (The hardest test 3)

Previous Piece -- Next Piece

नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

148. अत्यन्त कठिन परिक्षा ३


क्या मैं ठीक कह रहा हूँ ? जब तुम्हें कोई कठिन परीक्षा देनी होती है तब तुम उस दिन अपने बिस्तर में रहना पसन्द करते हो |

अब्राहम के साथ ऐसा नहीं था | वह सवेरे जल्दी उठा | उस की परीक्षा गणित शास्त्र या विज्ञान में नहीं हुई | परमेश्वर ने उस के विश्वास की परीक्षा ली |

परमेश्वर की आवाज: “हे अब्राहम !”

अब्राहम: “प्रभु, मैं यहाँ हूँ |”

परमेश्वर की आवाज: “अपने एकलौते पुत्र, इसहाक को संग ले जिस से तू प्रेम रखता है और मोरिय्याह के क्षेत्र में जा | वहाँ एक पहाड़ के ऊपर जो मैं तुझे बताऊंगा, उसे होमबलि के तौर पर चढ़ा |“

जो व्यक्ति परमेश्वर को नहीं जानता और न ही उस से प्रेम रखता है वह यह सोचेगा कि परमेश्वर निर्दयी है | अब्राहम ने उस के विषय में बुरा नहीं सोचा जो उस की परीक्षा ले रहा था |

पवित्र शास्त्र हमें केवल इतना बताता है कि अब्राहम सवेरे तड़के उठा और अपने गदहे पर काठी कस ली | उस ने होमबलि के लिये लकडी चीर ली और अपने दो सेवकों और अपने पुत्र, इसहाक को अपने संग लिया | वह लग भग ७५ मील तक चलते हुए गये | वह मार्ग लम्बा था, ऐसा कि किसी भी समय वे पलट जाते |

तीन दिन के बाद अब्राहम ने उस पहाड़ को देखा | और मुड कर अपने सेवकों से कहा |

अब्राहम: “तुम यहीं गदहे के पास खड़े रहो | मेरा पुत्र और मैं परमेश्वर की आराधना करने के लिए जा रहे हैं | उस के बाद हम लौट आयेंगे |”

क्या तुम ने यह सुना ? अब्राहम ने कहा : हम फिर लौट आयेंगे | उसे पक्का विश्वास था कि परमेश्वर इसहाक को फिर से जीवित करेगा |

पुत्र ने लकड़ी अपने ऊपर लादी और अब्राहम ने जलते हुए कोयले और छुरी अपने हाथ में ले कर वे साथ साथ चले गये |

इसहाक: “पिताजी !”

अब्राहम: “हाँ, मेरे पुत्र |”

इसहाक: “हमारे पास लकड़ी और आग तो है परन्तु होमबली के लिये मेमना कहाँ हैं ?”

अब्राहम: “यह हम परमेश्वर पर छोड़ दें | हे मेरे पुत्र, वह स्वय : होमबली की भेड़ का उपाय करेगा |”

जब वे उस स्थान पर पहुँचे जो परमेश्वर ने उन्हें बताया था तब अब्राहम ने वहाँ बलीवेदी बनाई और उस पर लकड़ी जमा दी | उस ने अपने पुत्र, इसहाक को रस्सी से बाँध कर उसे वेदी पर लकडियों के ऊपर रख दिया | तब उस ने अपने हाथ में छुरी ले ली !

स्वर्गदूत: “हे अब्राहम, हे अब्राहम !”

अब्राहम: “प्रभु, मैं यहाँ हूँ |”

स्वर्गदूत: “अपने पुत्र को कष्ट न दे | अब मैं देख रहा हूँ कि तू अपने एकलौते पुत्र से अधिक परमेश्वर से प्रेम रखता है |”

अब्राहम उस परीक्षा में यशस्वी हुआ जो सब से कठीन होती है |

कई साल बाद जहाँ परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र, यीशु को क्रूस पर बली चढ़ाया वह स्थान मोरिय्याह से कुछ सौ गज़ के अन्तर पर था | यह परमेश्वर ने इस लिये किया ताकि यदि हम उस पर विश्वास करें तो उस की सन्तान बनें | क्या तुम इसी समय मेरे साथ प्रार्थना करना चाहोगे ?

“प्रभु यीशु, मैं अब्राहम के समान आप पर विश्वास करूँगा | जो व्यक्ति ऐसा विश्वास रखता है उसे क्या हो सकता है ?!”


लोग: वर्णनकर्ता, अब्राहम, परमेश्वर की आवाज, इसहाक, स्वर्ग दूत

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

www.WoL-Children.net

Page last modified on July 31, 2018, at 09:22 AM | powered by PmWiki (pmwiki-2.3.3)