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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 138 (A terrible accident 1)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

138. एक भयानक दुर्घटना १


नगर में तनाव था | वहाँ न कोई हँसी थी न गाना बजाना था | सभी डरे हुए थे |

नैनी: “आशा करते हैं कि यह भयानक लड़ाई जल्दी खतम होजाये |”

स्त्री: “क्या शाऊल राजा शत्रु को पराजीत करेगा ?”

दीवार पर खड़े पहरेदार पहले व्यक्ति थे जिन्हों ने दौड़ते हुए आने वाले व्यक्ति को देखा | उस ने सामने की रेखा से समाचार लाया था | उस का चहरा देख कर कोई भी कह सकता था कि वह अच्छा समाचार न था |

संदेश वाहक: “शत्रु हमारी सामने की रेखा से आगे बढ़ गया | शाऊल राजा और योनातान मारे गये | भागो, अपने प्राण बचाओ !”

हर व्यक्ति भयभीत हुआ और कई नगर छोड़ कर भाग गये |

कितना भयानक दीन था ! विशेषत : मपीबोशेत के लिये | वह केवल पाँच साल का था फिर भी सब कुछ समझता था | उस का पिता, राजकुमार योनातान मर चुका था |

उस का पिता अब कभी घर नहीं आयेगा और न ही उसे अपनी बाहों मे ले सकेगा | उस का पिता अब उसे उसकी कमान से तीर फेंकने के लिये कभी न ले जायेगा और न कहानी सुना सकेगा | मपीबोशेत रोया | उस की नैनी ने उस का पालन पोषण किया |

नैनी: “मपीबोशेत, आ जाओ, हमें यहाँ से जाना होगा | हमें समय खोना नहीं चाहिये |”

उन्हों ने जल्दी से राज महल छोड़ा और तब यह हुआ |

मपीबोशेत: “आउच, ओह, मेरा पाँव !”

मपीबोशेत इतनी बुरी तरह से गिरा कि वह और चल न सका | कल्पना कीजिये - इस दुर्घटना के कारण, वह दोनों पाँव से लंगड़ाता था | यह उस के जीवन का दु:खद दिन था | प्रथम उस के पिता की मृत्यु हो गई थी | फिर उन्हें भाग जाना पड़ा | उस के बाद यह दुर्घटना हुई | और अब उस का कोई घर न था |

कुछ समय बाद शरणार्थी लो-दाबार पहुँचे | लो-दाबार का अर्थ अप्रतिष्टित और महत्वहीन होते हैं | किसी भी तरह मपीबोशेत के लिये यह योग्य था | कयोंकि अचानक उस का जीवन महत्वहीन हो गया था | निश्चित ही उस ने सोचा कि अब वह किसी काम का न रहा था |

क्या तुम कभी अपने आप को अप्रतिष्टित महसूस करते हो ? तुम अपनी कक्षा में सर्वोत्तम नहीं हो | तुम खेल में कोई रेकार्ड नहीं तोड़ सकते और इसी लिये सोचते हो कि दूसरे सभी लोग तुम से बेहतर हैं और उन्हें तुम से अधिक प्रेम किया जाता है |

क्या तुम मपीबोशेत को समझ सकते हो ? वह कई साल तक लो-दाबार में ऐसे ही जीया |

उस के पिता का सब से अच्छा मित्र, दाऊद था | जब वह ईस्राएल का राजा बना तब वह शाही महल में उदास रहा करता था |

दाऊद: “सीबा, मेरे सेवक, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है ?”

सीबा: “जी हाँ | योनातान का बेटा, लंगड़ा मपीबोशेत |”

दाऊद: “और वह कहाँ रहता है ?”

सीबा: “वह लो-दाबार में रहता है |”

दाऊद राजा क्या करने वाला था ? यह मैं तुम्हें अगले ड्रामे में बताऊंगा |


लोग: वर्णनकर्ता, नैनी, स्त्री, संदेशवाहक, मपीबोशेत, दाऊद, सीबा

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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Page last modified on July 31, 2018, at 09:04 AM | powered by PmWiki (pmwiki-2.3.3)