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Home -- Hindi -- Perform a PLAY -- 153 (Does the devil really exist 1)

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नाटक -- अन्य बच्चों के लिए अभिनीत करो !
च्चों द्वारा अभिनय करने के लिए नाटक

153. क्या शैतान का अस्तित्व है १


बालक: “मुझे एक प्रश्न पूछना है | क्या शैतान का सच में अस्तित्व है ? वह कहाँ से आया ?”

शैतान सच में अस्तित्व में है | उस की कहानी स्वर्ग में शुरू होती है |

बालक: “स्वर्ग में ?”

परमेश्वे ने जितने स्वर्ग दूत उत्पन्न किये उन में लुसीफर सब से अधिक सुन्दर था |

उसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की आराधना करने के लिये उत्पन्न किया गया था | परन्तु अहंकारी विचारों ने उस के दिल को जीत लिया |

लुसीफर: “मैं सब से महान होना चाहता हूँ | परमेश्वर के समान ! मैं सब पर अधिकार रखना चाहता हूँ | मैं परमेश्वर बनना चाहता हूँ |”

सब से बडे की आराधना करने की बजाय वह सब से बड़ा होना चाहता था, इस लिये जीवित परमेश्वर ने उसे स्वर्ग से बाहर फ़ेंक दिया |

तब से उसे शैतान कहा जाता है और वह परमेश्वर का शत्रु है | वह अपनी हर चाल से परमेश्वर की उस के लोगों के लिये योजनाओं को भ्रामक कर के नष्ट करता है |

परमेश्वर चाहता है कि हम जियें - शैतान हमारी मृत्यु चाहता है |

परमेश्वर सत्य से प्रेम रखता है - शैतान झूटा है |

परमेश्वर लोगों के साथ मेल मिलाप चाहता है - शैतान हमारा नाश करना चाहता है |

बालक: “वह आदम और हव्वा के साथ यशस्वी हुआ | वे प्रलोभन के सामने झुक गये |”

मैं तुम्हें उस की छलपूर्ण युक्ति बताता हूँ : लोगों को परमेश्वर से दूर करने के लिये वह उन के दिलों में परमेश्वर के विरुद्ध शंका और अविश्वास निर्माण करता है |

शैतान: “क्या परमेश्वर ने सच में कहा था कि तुम इस पेड़ का फल नहीं खाओ ? क्या उस ने तुम्हें सब से अच्छी वस्तु खाने से मना किया ?”

आदम और हव्वा ने अपने आप को फसने दिया और उस के कारण मृत्यु दुनिया में आ गई | तब से हर व्यक्ति परमेश्वर से अलग किया गया है |

परन्तु परमेश्वर का प्रेम महान है जिस के कारण उस ने वचन दिया कि वह शैतान को पराजीत करेगा और फिर से हर बस्तु नई बनायेगा |

बालक: “मुझे विश्वास है कि वह यीशु के संदर्भ में बोल रहा है |”

तुम ने ठीक कहा | यीशु विजेता हैं ! शैतान आप का नाम सुन कर काँपता है |

वह जानता था कि यीशु किस जाती में जन्म लेंगे इस लिये उस ने फिरौन और दूसरे लोगों का यहूदियों का नाश करने के लिये प्रयोग किया |

परन्तु परमेश्वर ने उस की योजना को पराजित होने दिया | यीशु ने एक रात को बैतलहम में जन्म लिया |

यीशु विजेता हैं ! आप शैतान के काम का नाश करने के लिये आये | इसी लिये शैतान आप से घ्रणा करता है और अब उस ने आक्रमक रूप धारण किया है |

अगला ड्रामा सुनोगे तब मैं जो कह रहा हूँ उस का अर्थ समझाऊंगा |


लोग: वर्णनकर्ता, बालक, लुसिफर (शैतान)

© कॉपीराईट: सी इ एफ जरमनी

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Page last modified on July 31, 2018, at 09:28 AM | powered by PmWiki (pmwiki-2.3.3)